हमारे बारे में
भारतीय तटरक्षक भारत का एक सशस्त्र बल है, जिसका गठन तटरक्षक अधिनियम, 1978 के अंतर्गत किया गया है। इसे भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने तथा भारत के समुद्री क्षेत्र में राष्ट्र के संप्रभु अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। देश की अग्रणी समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसी के रूप में भारतीय तटरक्षक समुद्रों का एक सजग एवं अटल प्रहरी है, जो समुद्री सुरक्षा, समुद्री संरक्षा, तटीय सुरक्षा तथा समुद्री पर्यावरण के संरक्षण को सुनिश्चित करता है।
भारत की विस्तृत तटरेखा एवं समुद्री क्षेत्रों में अपने व्यापक परिचालन के माध्यम से भारतीय तटरक्षक अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा करता है, समुद्री संचार मार्गों को सुरक्षित बनाए रखता है, मत्स्य समुदाय के हितों का संरक्षण करता है, समुद्री कानूनों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करता है, समुद्र में उत्पन्न आपात स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया प्रदान करता है, समुद्री प्रदूषण से निपटता है तथा व्यावसायिक दक्षता, संवेदनशीलता और अटूट संकल्प के साथ मानवीय सहायता प्रदान करता है। सतत् सतर्कता, तकनीकी उत्कृष्टता तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समुद्री भागीदारों के साथ घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से भारतीय तटरक्षक समुद्र में सुव्यवस्था बनाए रखने तथा सुरक्षित समुद्री पारितंत्र को सुदृढ़ करने में अग्रणी भूमिका निभाता है।
भारतीय तटरक्षक भारत सरकार की समुद्री परिकल्पना को साकार करने में एक स्थायी एवं विश्वसनीय भागीदार है। आत्मनिर्भर भारत के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह स्वदेशी क्षमताओं तथा परिचालन उत्कृष्टता को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। सागर (SAGAR) तथा महासागर (MAHASAGAR) की परिकल्पना के प्रति एक प्रतिबद्ध सहभागी के रूप में भारतीय तटरक्षक क्षेत्रीय समुद्री सहयोग, सामूहिक सुरक्षा, क्षमता निर्माण तथा मानवीय सहयोग को प्रोत्साहित करता है और साथ ही स्वतंत्र, सुरक्षित एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण में सक्रिय योगदान देता है। इसी प्रकार, समुद्री पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने सतत् प्रयासों तथा पुनीत सागर अभियान जैसी पहलों में सक्रिय सहभागिता के माध्यम से यह बल भावी पीढ़ियों के लिए महासागरों के संरक्षण तथा राष्ट्र की Blue Economy को सुदृढ़ करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनर्पुष्टि करता है।
अपने ध्येय वाक्य "वयम् रक्षामः" (हम रक्षा करते हैं) से प्रेरित भारतीय तटरक्षक साहस, सत्यनिष्ठा, व्यावसायिक उत्कृष्टता तथा निःस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतीक है। सदैव सतर्क, सदैव तत्पर और सदैव राष्ट्र के प्रति समर्पित भारतीय तटरक्षक भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा, उसके समुद्री भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा समुद्रों के विश्वसनीय संरक्षक के रूप में अपने दायित्वों का निरंतर निर्वहन करता रहेगा।
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पृष्ठ अंतिम बार अद्यतन तिथि:28-07-2026 12:24 PM

