तटरक्षक प्रशिक्षण केंद्र
उत्पत्ति
"प्रशिक्षण का उद्देश्य शिथिलता को दूर करना, शरीर को मजबूत बनाना और आत्मा को निखारना है.... यह कभी आसान नहीं होता, आप बस बेहतर से बेहतर होते जाते हैं....”
परिचय
ज्ञान, प्रतिबद्धता और अनुशासन के स्तंभों पर आधारित प्रशिक्षण, सैन्य शिक्षाशास्त्र का एक अनिवार्य अंग है, क्योंकि यह सेवा के भावी लीडर को आकार देता है। प्रशिक्षण किसी भी संगठन की रीढ़ की हड्डी है। बेहतर प्रशिक्षण से बेहतर प्रक्रियाएं और अधिक कुशल कार्य सुनिश्चित होते हैं। आज के निरंतर परिवर्तनशील और गतिशील समुद्री क्षेत्र में प्रशिक्षण का महत्व पहले से कहीं अधिक है। नैतिकता, आदर्श और चरित्र की समझ केवल कक्षा की किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये वे अवधारणाएं और सिद्धांत हैं जो ज्ञान, विश्वास और प्रतिबद्धता के वातावरण में व्याप्त हैं। इन्हीं संगठनात्मक आवधारणाओं के आधार पर सेवा की प्रगति और विस्तार की नींव रखी जाती है, उसे सुदृढ़ किया जाता है और उसे बनाए रखा जाता है। प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य उच्च स्तरीय दक्षता सुनिश्चित करना है ताकि प्रशिक्षुओं को ज्ञान और कौशल के एक सामान्य समूह से परिचित कराया जा सके, जो अंतत: संगठनात्मक उद्देश्यों की पूर्ति कीओर अग्रसर होगा।
तटरक्षक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी यह तटरक्षक जिला मुख्यालय संख्या 4 के पुराने भवन से संचालित हो रहा है। सीजीटीसी को तटरक्षक कर्मियों को उनके वैधानिक कर्तव्यों और कार्यों पर विशेष प्रशिक्षण देने और भारतीय तटरक्षक से संबंधित विषयों पर कर्मियों को प्रशिक्षित करने का दायित्व सौंपा गया है। सीजीटीसी द्वारा प्रशिक्षित विषय हैं समुद्री कानून और कानून प्रवर्तन, बोर्डिंग ऑपरेशन, समुद्री खोज और बचाव अभियान, समुद्री पर्यावरण का संरक्षण और बचाव तथा समुद्री प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण। समय के साथ-साथ अधिकारियों, जवानों और अन्य एजेंसियों के कर्मियों के लिए कई नए पाठ्यक्रम शुरु किए गए हैं, जिनमें विदेशी तटरक्षक कर्मियों का प्रशिक्षण भी शामिल है।
इस प्रशक्षिण केंद्र का विजन और मिशन स्टेटमेंट नीचे संलग्न है:-
दृष्टिकोण
“इस प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य इसे समुद्री सुरक्षा, संरक्षा, समुद्री पर्यावरण संरक्षण और तटीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक “उत्कृष्ट संस्थान” बनाना है।”
उद्देश्य
“इस प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य भारतीय तटरक्षक के अधिकारियों और सैन्य कार्मिकों तथा अन्य समान संगठनों/तटीय तटरक्षक बलों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण आयोजित करना है ताकि उन्हें सभी स्तरों पर कार्य के लिए तैयार किया जा सके और वे हर समय किसी भी भूमिका और कार्य को निभाने में सक्षम हों।”
तटरक्षक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के बाद से ही प्रशिक्षुओं की संख्या और पाठ्यक्रमों की संख्या में प्रतिवर्ष वृद्धि देखी गई है। वर्तमान में, तटरक्षक और अन्य संगठनों के 550 कर्मियों को 23 विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जा रहा है और प्रतिवर्ष 38 से अधिक पाठ्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीजीटीसी (कोच्चि) तटीय समुद्री पुलिस, भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जल शाखा, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (एनएसईएन) जैसी समुद्री गतिविधियों से जुड़ी अन्य सरकारी एजेंसियों को भी समुद्री प्रशिक्षण प्रदान करता है। दक्षिण एशिया से आगे बढ़ते हुए आज इस प्रशिक्षण केंद्र के पूर्व छात्र आठ देशों में मौजूद हैं, जिनमें अफ्रीकी क्षेत्र के देशों की पहली भागीदारी भी शामिल है।
पिछले 17 वर्षों में इस प्रशिक्षण केंद्र ने सफलतापूर्वक 423 पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं और भारतीय तटरक्षक, बांग्लादेश तटरक्षक, श्रीलंका और मालदीव के प्रशिक्षुओं के साथ-साथ अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों के लगभग 6096 कर्मियों को प्रशिक्षित किया है। तटरक्षक प्रशिक्षण केंद्र (कोच्चि) जिला कमांडर, तटरक्षक जिला मुख्यालय संख्या 04 फोर्ट कोच्चि के कमांड और नियंत्रण के अधीन कार्य करता है।
भूमिका
- व्यावसायिक उत्कृष्टता की दिशा में तटरक्षक कार्मिकों को तटरक्षक संगठन के कार्यों एवं वैधानिक कर्तव्यों को प्रशिक्षण देना।
- समुद्री विषयों पर अन्य संगठनों के कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना।
- नए पाठ्यक्रम तैयार करके सेवा में सभी रैंकों के अधिकारियों और कर्मियों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।
- प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में अनुसंधान के पहलू को शामिल करके समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा अध्ययन में प्रशिक्षण केंद्र की उत्कृष्टता स्थापित करना।
- इस केंद्र को समुद्री सुरक्षा, तटीय सुरक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में अध्ययन के लिए एक विचार-मंथन केंद्र और शैक्षणिक केंद्र बनाना।
- तटीय तटरक्षक संगठनों के अधिकारियों और जवानों को पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान करना।
पाठ्यक्रम
| क्रम सं. | पाठ्यक्रम | अवधि सप्ताह में |
|---|---|---|
| 1 | सहायक समादेशकों (जीडी/पीएन) के लिए सीजी कानून और संचालन | 11.2 |
| 2 | सहायक समादेशक के लिए विधि सारांश | 4.2 |
| 3 | सीओ पीसीटी एफपीवी | 04 |
| 4 | सीओ/एक्सओ पीसीटी | 03 |
| 5 | पूर्व प्रशिक्षण एस.डी.ओ | 03 |
| 6 | अधिकारियों के लिए इंटेलिजेंस कैप्सूल कोर्स | 02 |
| 7 | एसएआर पाठ्यक्रम | 08 |
| 8 | सोलास और मापोल कार्मिकों के लिए | 02 |
| 9 | आईटी सहायक (बेसिक) पाठ्यक्रम | 08 |
| 10 | एसओ कानून और संचालन | 2.3 |
| 11 | एसओ के लिए वर्क्स कैप्सूल | 02 |
| 12 | कार्मिक के लिए इंटेलिजेंस कैप्सूल पाठ्यक्रम | 02 |
| 13 | एसएआर जीएमडीएसएस | 02 |
| 14 | बोर्डिंग अभियान/निहत्थे युद्ध | 02 |
| 15 | पूर्व प्रशिक्षण एस डी “क्यू” | 02 |
| 16 | पूर्व प्रशिक्षण एआईबीसी/पीटीआई | 02 |
| 17 | बीएसएफ अधिकारियों के लिए पोत प्रबंधन | 02 |
| 18 | सीमा शुल्क अधिकारियों का प्रशिक्षण | 01 |
| 19 | सीमा शुल्क अधिकारियों के लिए पोत संचालन | 01 |
| 20 | विदेशी अधिकारियों के लिए समुद्री काननू संचालन पाठ्यक्रम | 04 |
| 21 | विदेशी नाविकों के लिए समुद्री कानून संचालन पाठ्यक्रम | 03 |
| 22 | तटीय समुद्री पुलिस (एससीपीओ/सीपीओ) | 04 |
| 23 | तटीय समुद्री पुलिस (एसआई/एएसआई) | 04 |
संपर्क विवरण
| 1 | प्रभारी अधिकारी | +91-484-2217934 |
| 2 | उप प्रभारी अधिकारी | +91-484-2215593 |
| 3 | प्रशिक्षण कार्यालय | +91-484-2216300 |
| 4 | फैक्स | +91-484-2216300 |
| 5 | ई-मेल | cgtc-kochi[at]indiancoastguard[dot]nic[dot]in |
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पृष्ठ अंतिम बार अद्यतन तिथि:21-07-2026 03:50 PM

